समाज

बेरोजगारी या अयोग्यता?

मेरे करियर की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। तब मैं कुछ वेबसाइटों के लिए लेख लिखता था। ये लेख बहुत बेसिक होते थे और पैसे भी बहुत कम मिलते थे। इसलिए मैने सोचा कि कुछ और भी किया जाए। तब मैंने ब्लॉग बनाना नया-नया सीखा था, तो मैंने एक और ब्लॉग शुरू किया और धीरे धीरे वह चल भी गया। कुछ विज्ञापन भी मिलने लगे और थोड़ी बहुत कमाई भी होने लगी। उसी के साथ-साथ मैंने वेबसाइट बनाना भी सीख लिया था और अपनी स्वयं की वेबसाइट भी लॉन्च कर दी थी। उसे देखने के बाद और एक दो …

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भारतीय गणतंत्र के ‘अनिवासी’

भारत के श्यामजी कृष्ण वर्मा पढ़ाई के लिए ऑक्सफर्ड गए और कुछ वर्षों बाद लंदन ही उनका घर बन गया। वहाँ रहकर भी उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए लगातार काम किया। पढ़ाई के लिए ऑक्सफर्ड आने वाले भारतीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप शुरू की। 1905 में इंडियन होम रूल लीग की स्थापना की। भारत से आने वाले छात्रों के लिए लंदन में इण्डिया हाउस शुरू करवाया, जहाँ लाला हरदयाल, वीर सावरकर, मदनलाल ढींगरा और ऐसे न जाने कितने भारतीय क्रांतिकारियों को आश्रय मिला। फिर ब्रिटिश सरकार से बचने के लिए जब उन्हें पेरिस चले जाना पड़ा, तो वहाँ रहकर …

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चाय

पी.वी. नरसिंहराव मेरे पसंदीदा राजनेताओं में से एक हैं। वे बहुत विद्वान व्यक्ति थे, कई भाषाओं के जानकार भी थे और अच्छे लेखक व अनुवादक भी। उन्होंने कई भाषाओं में पुस्तकों के अनुवाद किए और कई पुस्तकें स्वयं भी लिखीं। उन्हीं में से एक थी, ‘द इनसाइडर’। हालांकि, नरसिंहराव ने इसे एक काल्पनिक उपन्यास के रूप में लिखा है, लेकिन उसके नायक की कहानी बहुत हद तक उनके स्वयं के जीवन से मिलती-जुलती है। लेकिन आज मैं बात उस पुस्तक की नहीं करने वाला हूँ। बात मैं चाय की करने वाला हूँ। सोशल मीडिया पर कई लोगों की पोस्ट देखकर …

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