इतिहास

इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष (भाग-3)

इज़राइल को भी लगने लगा था कि सैन्य युद्ध में हमेशा उसकी जीत की कोई गारंटी नहीं है। इसलिए उसने भी बातचीत के दरवाजे खोलने शुरू कर दिए।

इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष (भाग-2)

1948 में इज़राइल की आज़ादी की घोषणा तो हो गई, किन्तु संघर्ष समाप्त नहीं हुआ। इज़राइल को लगातार अपने चारों ओर के शत्रु देशों से लड़ते रहना पड़ा। आज के भाग में पढ़िए आगे का इतिहास।

इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष (भाग-1)

इज़राइल की भूमि पर आधिपत्य के सांप्रदायिक संघर्ष का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। लेकिन इन दिनों जो राजनैतिक संघर्ष चल रहा है, वह लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व आरंभ हुआ था।

नेताजी और कांग्रेस

सन 1921 में भारत में ‘असहयोग आन्दोलन‘ चल रहा था। उसी आन्दोलन से प्रेरित होकर 25 वर्ष के नवयुवक सुभाषचंद्र बोस भी लंदन से भारत लौट आए थे। 16 जुलाई को मुंबई पहुंचते ही वे गांधीजी से मिलने मणिभवन गए। वे अपने तीन प्रश्नों के बारे में गांधीजी के विचार जानना चाहते थे: यह असहयोग आन्दोलन अपने …

नेताजी और कांग्रेस Read More »

अयोध्या आंदोलन का इतिहास

बाबर के सैन्य अधिकारी बाक़ी तश्कबन्दी का जन्म ताशकंद में हुआ था। 1526 में वह भी बाबर के साथ हिंदुस्तान पहुँचा। पानीपत में सैन्य अभियान के बाद उसे वर्तमान मप्र के चन्देरी में और फिर वहाँ से अवध में एक सैन्य अभियान के लिए भेजा गया। बाबर के आदेश पर भारत में तीन मस्जिदों का …

अयोध्या आंदोलन का इतिहास Read More »

एक था राजा…

ब्रिटिश भारत की सैकड़ों रियासतों में से “भावल रियासत” भी एक थी। आज यह स्थान बांग्लादेश में ढाका के पास जयदेवपुर में है। उस ज़माने में भावल रियासत पूर्वी बंगाल की दूसरी सबसे बड़ी रियासत थी। इसके अधीन हज़ारों वर्ग किमी भूमि, सैकड़ों गाँव, और लगभग पाँच लाख की जनसंख्या थी। इसकी वार्षिक आय उस …

एक था राजा… Read More »

आपातकाल की यादें (अंतिम भाग) – अरुण जेटली

आपातकाल कैसे हटा? आपातकाल की अवधि बढ़ते जाने के साथ ही इंदिरा जी पर एक बात के कारण दबाव भी बढ़ने लगा था। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विश्व के नेता इस बात से  चकित थे कि नेहरु जी की बेटी ही लोकतंत्र की राह को छोड़कर तानाशाह बन गई थी। अंतरराष्ट्रीय जगत को यह समझाना इंदिरा …

आपातकाल की यादें (अंतिम भाग) – अरुण जेटली Read More »

आपातकाल की यादें – भाग -२ (अरुण जेटली)

आपातकाल के अत्याचार २६ जून १९७५ को आपातकाल लगाते ही श्रीमती इंदिरा गांधी ने धारा ३५९ के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके परिणामस्वरूप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता दोनों पर पाबंदी लगा दी गई। केवल सेंसर की अनुमति से प्रकाशित समाचार ही उपलब्ध थे। २९ तारीख …

आपातकाल की यादें – भाग -२ (अरुण जेटली) Read More »

आपातकाल की यादें – भाग 1 (अरुण जेटली)

(यह लेख तीन भागों में है) आपातकाल लगाने की नौबत क्यों आई? वर्ष १९७१ और १९७२ श्रीमती इंदिरा गांधी के राजनैतिक करियर के सुनहरे वर्ष थे। उन्होंने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को और विपक्षी दलों के महागठबंधन को चुनौती दी थी। १९७१ के आम चुनाव में उनकी स्पष्ट विजय हुई। अगले पाँच वर्षों …

आपातकाल की यादें – भाग 1 (अरुण जेटली) Read More »

एडोल्फ आइकमन और मोसाद

आपने एडोल्फ हिटलर का नाम तो अवश्य सुना होगा, लेकिन क्या आपने एडोल्फ आइकमन का नाम सुना है? आपने इजराइल के बारे में भी सुना होगा, लेकिन क्या आपने मोसाद का नाम सुना है? क्या आपको पता है कि इजराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने किस तरह बिल्कुल फ़िल्मी तरीके से हिटलर के साथी आइकमन …

एडोल्फ आइकमन और मोसाद Read More »

Scroll to Top